विगत दिवस Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 28, 2019 सैंकड़ों दिवस फिर बीत गए, मेरे इस प्रण को किये हुए जब ठाना था मन में मैंने कि यादें तुम्हारी मैं आने ना दूंगी बस कर्म की भट्टी में जलती रहुंगी मन को मिले मेरे जितने घाव हैं तु... Read more